जब ऐसा होगा एलियंस बात करेंगी

एलियंस से बात करने के लिए धरती
Sep 27, 2010 नई दिल्ली।

एलियंस के किस्से लोंगो ने सुने और फिल्मों में देखें हैं। लेकिन हकीकत में अब तक एलियंस की मौजूदगी का कोई सबूत नहीं है। हालांकि कई वैज्ञानिक मानते हैं कि एलियंस का वजूद है और वो आज नहीं तो कल धरती पर आएंगे। जब वो आएंगे तो उनसे मलेशिया की वैज्ञानि क मजलान ओथमान बात करेंगी , क्योंकि संयुक्त राष्ट्र ने उन्हें धरती का एलियंस एंबेसडर चुना है। 58 साल की एस्ट्रोफिजिशिस् ट ओथमान संयुक्त राष्ट्र के सहयोगी संगठन यूनाइटेड नेशंस ऑफिस फॉर ऑउटर स्पेस अफेयर्स की प्रमुख हैं।

उनका कहना है कि दुनिया भर के वैज्ञानिक और संस्थान दूसरी दुनिया के लोगों की तलाश में जुटे हैं और उम्मीद है कि एक दिन ऐसा होगा जब हमें दूसरी दुनिया से कोई संकेत मिलेगा। जब ऐसा होगा, उस दिन के लिए हमें अपनी तैयारी करके रखनी होगी। ओथमान इससे पहले मलेशिया के नेशनल स्पेस एजेंसी की मुखिया थी और अंतरिक्ष में जाने वाली मलेशिया की पहली महिला हैं। दुनिया के कई वैज्ञानिक एलियंस के होने और उनके धरती तक पहुंचने की कल्पना कर चुके हैं। इस दौर के सबसे बड़े वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग भी मानते हैं कि एलियंस हैं और धरती पर आ सकते हैं।

हॉकिंग का कहना है कि मेरे दिमाग की गणनाएं बताती हैं कि एलियंस हैं लेकिन असल चुनौती ये जानने की है कि एलियंस दिखते कैसे हैं। जहां तक मेरा मानना है कि अगर कभी एलियंस धरती पर आए तो उनका बर्ताव इतना दोस्ताना नहीं होगा जितनी कि उम्मी द है। हॉकिंग का कहना है कि ज्यादातर एलियंस या तो माइक्रोब्स की तरह या फिर बेहद छोटे जानवरों जैसे हो सकते हैं। हॉकिंग ये चेतावनी देते हैं कि धरती के वैज्ञानिकों को दिमा गदार एलियंस से संपर्क करने से बचना होगा क्योंकि वो धरती को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

कई सालों की रिसर्च और पड़ताल के बाद वैज्ञानिक ये तो मानते हैं कि एलियंस हो सकते हैं लेकिन पुख्ता तौर पर उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है। वैज्ञानिक को कहना है कि एलियंस हमसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा है। एलियंस धरती पर इंसान से संपर्क स्थापित करने के लिए दशकों से 'कॉस्मिक ट्वीट्स' भेज रहे हैं। 15 अगस्त 1977 को ओहियो स्थित एक दूरबीन ने 72 सेकंड का एक महत्वपूर्ण संकेत पकड़ा था। ये संकेत अंतरिक्ष के एक खाली हिस्से से ठीक उसी फ्रीक्वेंसी पर आया था जिस पर वैज्ञानिक एलियंस से संदेश मिलने की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन आज तक इस संकेत का मतलब नहीं निकाला जा सका। कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि एलियंस इंसानों के मुकाबले ज्यादा बुद्धिमान हैं और तकनीकी तौर पर बेहद ताकतवर भी हैं। स्पेन और अमेरिका के कुछ वैज्ञानिकों का दावा है कि एलियंस अपनी ताकतवर दूसबीनों से पृथ्वी पर नजर रख रहे हैं।

उन्हें पृथ्वी के घूमने की गति , दिन की लंबाई, मौसम चक्र, महासागरों, महाद्वीपों और बादलों की जानकारी हैँ। तमाम रिसर्च और अध्ययन के बाद भी दुनिया भर के वैज्ञानिक ये तक नहीं पता लगा पाए कि ब्रह्मांड में पृथ्वी के अलावा कहीं और जीवन है या नहीं। एलियंस का वजूद साबित करने के लिए अब तक हजारों दावे किए जा चुके हैं , लेकिन सच सही है कि आज तक एलियन तो दूर , कोई यूएफओ तक किसी के हाथ नहीं लगा है। कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि एलियंस पूरी तौर पर इंसान दिमाग की कल्पना है और इसमें कोई हकीकत नहीं है। हालांकि कई बड़े वैज्ञानिक इसे खारिज करते हैं। उनका कहना है कि अंतरिक्ष में होने वाली कई गतिविधियां दूसरी दु निया के वजूद को साबित करती हैं। कुल मिलाकर कहें तो एलियंस की मौजूदगी तब तक सवालों के घेरे में है जब तक वो पूरी तौर पर दुनिया के सामने नहीं आते।

Who will talk with Aliens?

शनिवार, 9 जनवरी 2016
Posted by Raj Kumar

एलियंस और कुछ अनसुलझी पहेलियाँ

एलियंस और कुछ अनसुलझी पहेलियाँ

अमेरिका सेटी यानी search for extra tairistril intelizens जैसे स्वायत समूह संगठनों की मदद से गत कई वर्षो से एलियंस की खोज मे लगे हैँ उनका कहना है की जूपिटर के बर्फ से ढके उपग्रह यूरोप को ध्यान मे रखकर कहा जा सकता है कि ज्यादातर ग्रहोँ पर जीवन साधारण जीवोँ के रूप मे होगा हो सकता है कि कुछ ग्रहोँ पर जीव हमसे बुद्धिमान हो और अपने संसाधनोँ का यूज कर चुके हो ऐसे मे ये माना छा सकता है कि वे धरती जैसे किसी ग्रह की तलाश मे होंगे अगर उन्हेँ पता चलता है तो वे हम पर हमला कर सकते है

Aliens our usse judi pheliya

शुक्रवार, 8 जनवरी 2016
Posted by Raj Kumar
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एलियंस संबंधी रहस्य, सावधान और चेतावनी

सावधान हो जाओ !!!
महान भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग की हालिया चेतावनी कि मानव जाति को एलियंस या किसी अन्य ग्रहवासियों से दूर ही रहना चाहिए, अपने आप में वैज्ञानिक जगत में एक विचारणीय पहेली के तौर पर गूंज गई है। हॉकिंग के विचारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, लेकिन यह भी सच है कि मनुष्य हमेशा से ही अज्ञात की खोज करना अपना अधिकार समझता आया है।

तमाम वैज्ञानिक खोजें इसी कौतुहल के गर्भ से निकल कर सामने आई हैं, इसलिए उसे रोका तो कतई नहीं जा सकता। उड़नतश्तरियों के जब-तब सुनाई देने वाले किस्से, इसी कौतुहल की एक कड़ी रहे हैं और एलियंस की खोज में होने वाले खर्च और उनकी कपोल कल्पित जीवन पर बनी फिल्में भी इसी कौतुहल का हिस्सा रही हैं, जिन्हें लोग असलियत से जोड़ बैठते हैं। आज पढ़िए एलियंस संबंधी रहस्यों के बारे में मशहूर भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग ने यह कहकर कि सुदूर अंतरिक्ष में एलियंस जरूर हैं।

हॉकिंग ने चेतावनी दी है कि हमें एलियंस को खोजने के बजाए उनसे दूर ही रहना चाहिए। धरती के लिए यही सही होगा। क्या है धारणा का आधार: हॉकिंग का तर्क है कि ब्रह्मांड में खरबों आकाशगंगाएं हैं और हर आकाशगंगा में करोड़ों तारे, ग्रह और उपग्रह हैं। ऐसे में केवल पृथ्वी पर ही जीवन है, यह कहना सही नहीं होगा। जीवन किसी उपग्रह या ग्रह कहीं भी हो सकता है। धरती पर ही सबूत मिल चुके हैं कि जीवन उबलते पानी और जमी हुई बर्फ में भी हो सकता है।

हॉकिंग कहते हैं कि असल चुनौती यह जानना है कि एलियंस दिखते कैसे हैं? अमेरिका सेटी यानी सर्च फॉर एक्स्ट्रा टैरेस्ट्रियल इंटेलिजेंस जैसे स्वायत्त सामूहिक संगठनों की मदद से गत कई वर्षो से एलियंस की खोज में लगा है। उन्होंने कहा कि जूपिटर के बर्फ से ढके उपग्रह यूरोपा को ध्यान में रखकर कहा जा सकता है कि ज्यादातर ग्रहों पर जीवन साधारण जीवों के रूप में होगा। हो सकता है कि कुछ ग्रहों पर जीव हमसे बुद्धिमान हो। अगर ऐसा है तो वो अपने स्रोतों का उपयोग भी कर चुके होंगे। ऐसे में इस बात को माना जा सकता है कि वे धरती जैसे किसी ग्रह की खोज में लगे होंगे। और हां, अगर उन्हें पता चलता है तो इस पर कब्जे के लिए हमला बोल देंगे। हॉकिंग का कहना है कि एलियंस तारों के बीच भी हो सकते हैं या हो सकता है कि वे स्पेस में घूम रहे हो

Do we have to worry about Aliens?

Posted by Raj Kumar

एलियंस की खोज के लिए सेना

Friday, October 30, 2009 01:39 [IST]

वाशिंगटन. वैज्ञानिक ऐसे रोबोट तैयार करने में जुटे हैं , जो अन्य रोबोटों को आदेश दे सकें। यदि यह संभव हुआ तो उड़ान भरने , वाहन और जलयान चलाने वाले रोबोट की सेनाएं तैयार कर दूसरी दुनिया के प्राणी यानी एलियंस पता लगाया जा सकेगा।

कैलीफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (कैल- टेक) के प्रमुख शोधकर्ता वोल्फगांग फिंक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार कर रहे हैं , जिससे रोबोटिक उपकरण स्वतंत्र रूप से काम करने के साथ टीम के सदस्य के रूप में भी काम कर सकेगा। फिंक ने कहा कि हम अंतरिक्ष खोज के बड़े बदलाव के दौर में हैं।

इसमें रोबोटिक खोजकर्ता उन चीजों का पता लगाएंगे, जिससे हम आज तक रू-ब- रू नहीं हुए हैं। ‘कंप्यूटर मेथड्स एंड प्रोग्राम्स इन बायोमेडिसिन’ और ‘प्रोसिडिंग्स ऑफ एसपीआईई’ में प्रकाशित रिपोर्ट में फिंक ने कहा, आने वाले कल की खोज आज से बिल्कुल भिन्न होगी।

कैल -टेक के विजुअल एंड आटोनॉमस एक्सप्लोरेशन सिस्टम्स रिसर्च लेबोरेटरी के निदेशक फिंक के मुताबिक , वर्तमान में रोबोट के जरिए की जाने वाली खोज में हर रोबोट को धरती से नियंत्रित किया जाता है। लेकिन, भविष्य में यह काम कई रोबोट मिलकर खुद करेंगे।

Aliens and Cops

Posted by Raj Kumar

एलियंस द्वारा भेजा गया ई मेल

एलियंस द्वारा भेजा गया e-mail(सत्य)



संशोधनों के बाद इस ई -मेल को मैं आप सबके समक्ष प्रस्तुत कर रहा हूं। प्रिय बंधु हमें धरती पर रह रहे मनुष्यों की हर पल की खोज -खबर रहती है। वे कब और किसके साथ क्या कर रहे हैं , हमें सब पता रहता है। राजनीति से लेकर साहित्य , समाज से लेकर सरोकारों तक में क्या हो -चल रहा है हमें मालूम है ।

हमेशा से ही मनुष्य इस बात पर गर्व करता चला आया है कि वो धरती का सबसे समझदार प्राणी है। दुनिया भर की सारी अक्ल बस उसी के पास है। जो वो करता है सब अक्ल के हिसाब - किताब के साथ करता है। पर हम इसे नहीं मानते। हम मानते हैं कि धरती पर मनुष्य केवल बोझ है। उसने धरती की आत्मा को तहस- नहस कर दिया है। जब कभी हम धरती के रोने की सुगबुगाहट को सुनते हैं उसमें मनुष्य के खिलाफ ही संताप होता है। हम अपने ग्रह से देख रहे हैं कि आजकल आप मनुष्यों के बीच जातिगत जनगणना पर हाय -तौबा मची है। सरकार चाहती है कि जनगणना जाति के हिसाब से हो। सरकार के सुर में बहुत से दल अपने सुर भी मिलाने लगे हैं। यानी धरती पर मनुष्य के आधार को एक दफा फिर से जातिवाद आधारित बनाया जा रहा है। यकीन मानिए हम सरकार व अन्य राजनीतिक दलों के इस फैसले से बेहद आहत हैं।

केवल जाति के बल पर समाज को आप किस दिशा में ले जाना चाहते हैं ? जबकि 21वीं सदी में रहते हुए तमाम जातिगत बंधनों को आपको तोड़ डालना चाहिए था। धरती के मनुष्य का यह कैसा समाज है , जहां लोग भिन्न- भिन्न जातियों, संप्रदायों, धर्मों और रूढ़िवादिताओं में बंटे -बंधे हुए हैं? आपको ये जातिगत बंधन बोझ नहीं लगते ? क्या आप इससे परेशान नहीं होते ? हमने सुन रखा है कि धरती पर जातियों की आत्मा को इसलिए जीवित रखा जाता है ताकि राजनीतिक दलों के राजनीतिक हित -अहित सध सकें। आखिर आपका यह कैसा आधुनिक या उत्तर -आधुनिक समाज है, जो आज भी जातियों में विभक्त है ? माना कि हम एलियंस मनुष्य नहीं हैं। हम न आप जैसा खाते हैं न आप जैसे रहते हैं। हमारा रूप -रंग, चाल- ढाल सबकुछ आपसे जुदा है। बावजूद इसके हमारी कोई जाति नहीं है। हमारा एलियंस समाज जातिविहीन समाज है। हम लोग जाति से ज्यादा एकता और संवेदनाओं में विश्वास करते हैं।



आप यकीन नहीं करेंगे पर यह सच है कि हमारा समाज आपके समाज से कहीं ज्यादा आधुनिक और सभ्य है। हमारी तकनीक तक पहुंचने में आपको बरसों-बरस लग सकते हैं। जो वैज्ञानिक यह दावा करते हैं कि हम मनुष्य जाति या धरती के लिए अभिशाप हैं , हम इसका पुरजोर खंडन करते हैं। हां, यह बात सच है कि हम धरती पर आने का मन बना रहे हैं। हम धरती के प्राणी से मिलने - जुलने की हसरत रखते हैं। लेकिन अब हमें अपने फैसले पर पुनः विचार करना पड़ेगा क्योंकि एक घोर जातिवादी समाज और मनुष्यों के बीच हमारा रहना या आना संभव नहीं होगा। हम धरती पर आने की तब ही सोच सकते हैं , जब यहां से जातियों का पूर्णतः खात्मा हो जाए। दरअसल, इस ई-मेल के जरिए अपनी इसी बात या इच्छा को आप तक पहुंचाना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य था। बाकी आप पर। शेष मजे में। आपका शुभचिंतन एलियंस समाज
Posted by Raj Kumar

एलियंस, हमारा ज्ञान और सूचना क्रांति

टोरंटो 04 मई 2010

(एआईएनएस) ।
प्रख्यात खगोलशास्त्री स्टीफन हॉकिंस के "एलियंस" के खतरनाक होने के बयान की आलोचना करते हुए कनाडा के पूर्व रक्षा मंत्री पॉल हेलर ने रविवार को दावा किया कि दूसरे ग्रहों के निवासी दशकों से धरती पर आते रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि हमें नुकसान पहुंचाने के बजाय एलियंस के अंतरिक्षयानों ने हमें माइक्रोचिप की खोज करने और सूचना क्रांति लाने में मदद की है। हॉकिन्स ने पिछले दिनों अपने एक बयान में कहा था कि,
""यदि एलियन यहां आएं तो परिणाम उससे कहीं ज्यादा होगा जो किकोलंबस के अमेरिका पहुंचनेपर हुआ था। यह अमेरिका के मूल निवासियों के लिए अच्छा साबित नहीं हुआ।"" हॉकिन्स ने कहा था कि यदि इंसान
एलियंस से संपर्क की कोशिश करते हैं तो वे हमें हमारे संसाधनों से बेदखल कर सकते हैं।

हॉकिन्स ने एक लघु फिल्म के जरिए कहा था कि , ""एलियंस अपनी किसी महायोजना के जरिए हमारे सौर मंडल का उपयोग कर सकते हैं और हमारी शिकायत चीटियों की टोली की शिकायत के समान होगी।""
हॉकिंस ने कहा था कि दूसरे ग्रहों के निवासी छोटे जानवरों के रूप में हो सकते हैं, लेकिन
यह भी संभावना है कि वे खानाबदोश तथा उपनिवेश बनाने के लिए जीत की इच्छा रखने वाले भी हो सकते हैं। हेलर ने कनाडियन प्रेस से कहा कि असलियत यह है कि एलियंस दशकों और संभावित रूप से सदियों से धरती पर आते रहे हैं।

उन्होंने हमारा ज्ञान बढ़ाने में मदद की है। एलियंस से जु़डे विषयों के जानकार कनाडाई पूर्व रक्षा मंत्री ने हॉकिंस के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि एलियंस हमेशा धरती पर आते रहे हैं और उन्होंने हमारे तकनीकी विकास में योगदान दिया है.
Posted by Raj Kumar

When we will meet to aliens?

साल 2025 में होगा एलियन से मुलाकात, नासा ने किया बात का खुलासा

एलियन देखे जाने और उनके पैरों के निशान मिलने की कहानियां आपने खूब सुनीं होंगी. लेकिन अब दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित स्‍पेस एजेंसी नासा ने एलियन से पुख्‍ता मुलाकात होने का समय तय कर दिया है. नासा के अनुसार अगले दस सालों में एलियन से मुलाकात होना संभव है.

Original link to read full articles
http://inextlive.jagran.com/nasa-chief-says-g-et-ready-to-meet-alien-life-in-20-to-30-years-201504090025
रविवार, 27 दिसंबर 2015
Posted by Raj Kumar

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